caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Al-Muzzammil المزمل

20 आयतें · मक्का · अवतरण क्रम 3

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ يَٰٓأَيُّهَا ٱلْمُزَّمِّلُ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऐ कपड़े में लिपटने वाले!

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

قُمِ ٱلَّيْلَ إِلَّا قَلِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariरात्रि के समय (नमाज़ में) खड़े रहें, सिवाय उसके थोड़े भाग के।[1]

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

نِّصْفَهُۥٓ أَوِ ٱنقُصْ مِنْهُ قَلِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariआधी रात (नमाज़ पढ़ें) अथवा उससे थोड़ा-सा कम कर लें।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

أَوْ زِدْ عَلَيْهِ وَرَتِّلِ ٱلْقُرْءَانَ تَرْتِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariया उससे कुछ अधिक कर लें। और क़ुरआन को ठहर-ठहर कर पढ़ें।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّا سَنُلْقِى عَلَيْكَ قَوْلًا ثَقِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिश्चय हम आपपर (ऐ नबी!) एक भारी वाणी (क़ुरआन) उतारेंगे।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّ نَاشِئَةَ ٱلَّيْلِ هِىَ أَشَدُّ وَطْـًٔا وَأَقْوَمُ قِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिःसंदेह रात की इबादत हृदय में अधिक प्रभावी होती है और बात के लिए अधिक उपयुक्त होती है।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّ لَكَ فِى ٱلنَّهَارِ سَبْحًا طَوِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिःसंदेह आपके लिए दिन में बहुत-से कार्य हैं।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

وَٱذْكُرِ ٱسْمَ رَبِّكَ وَتَبَتَّلْ إِلَيْهِ تَبْتِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर अपने पालनहार के नाम का स्मरण करें और सबसे अलग होकर उसी की ओर ध्यान आकर्षित कर लें।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

رَّبُّ ٱلْمَشْرِقِ وَٱلْمَغْرِبِ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ فَٱتَّخِذْهُ وَكِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariवह पूर्व तथा पश्चिम का पालनहार है। उसके सिवा कोई पूज्य नहीं। अतः तुम उसी को अपना कार्यसाधक बना लो।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

وَٱصْبِرْ عَلَىٰ مَا يَقُولُونَ وَٱهْجُرْهُمْ هَجْرًا جَمِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर जो कुछ वे कह रहे हैं[2], उसपर धैर्य से काम लें और उन्हें अच्छे ढंग से छोड़ दें।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

وَذَرْنِى وَٱلْمُكَذِّبِينَ أُو۟لِى ٱلنَّعْمَةِ وَمَهِّلْهُمْ قَلِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा मुझे और इन झुठलाने वाले संपन्न लोगों को छोड़ दें और उन्हें थोड़ी-सी मोहलत दें।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّ لَدَيْنَآ أَنكَالًا وَجَحِيمًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिःसंदेह हमारे पास बेड़ियाँ हैं तथा भड़कती हुई आग।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

وَطَعَامًا ذَا غُصَّةٍ وَعَذَابًا أَلِيمًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर गले में फँस जाने वाला भोजन तथा दर्दनाक यातना है।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

يَوْمَ تَرْجُفُ ٱلْأَرْضُ وَٱلْجِبَالُ وَكَانَتِ ٱلْجِبَالُ كَثِيبًا مَّهِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariजिस दिन धरती और पर्वत काँप उठेंगे तथा पर्वत गिराई हुई रेत के ढेर हो जाएँगे।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّآ أَرْسَلْنَآ إِلَيْكُمْ رَسُولًا شَٰهِدًا عَلَيْكُمْ كَمَآ أَرْسَلْنَآ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ رَسُولًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिःसंदेह हमने तुम्हारी ओर एक रसूल[3] भेजा, जो तुमपर गवाही देने वाला है, जिस प्रकार हमने फ़िरऔन की ओर एक रसूल भेजा।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

فَعَصَىٰ فِرْعَوْنُ ٱلرَّسُولَ فَأَخَذْنَٰهُ أَخْذًا وَبِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariचुनाँचे फ़िरऔन ने उस रसूल की अवज्ञा की, तो हमने उसकी बड़ी सख़्त पकड़ की।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

فَكَيْفَ تَتَّقُونَ إِن كَفَرْتُمْ يَوْمًا يَجْعَلُ ٱلْوِلْدَٰنَ شِيبًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariफिर तुम कैसे बचोगे, यदि तुमने कुफ्र किया, उस दिन से जो बच्चों को बूढ़े कर देगा?

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

ٱلسَّمَآءُ مُنفَطِرٌۢ بِهِۦ كَانَ وَعْدُهُۥ مَفْعُولًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariउस दिन आकाश फट जाएगा। उसका वादा पूरा होकर रहेगा।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّ هَٰذِهِۦ تَذْكِرَةٌ فَمَن شَآءَ ٱتَّخَذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ سَبِيلًا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिश्चय यह एक उपदेश है। अतः जो चाहे अपने पालनहार की ओर रास्ता बना ले।[4]

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

إِنَّ رَبَّكَ يَعْلَمُ أَنَّكَ تَقُومُ أَدْنَىٰ مِن ثُلُثَىِ ٱلَّيْلِ وَنِصْفَهُۥ وَثُلُثَهُۥ وَطَآئِفَةٌ مِّنَ ٱلَّذِينَ مَعَكَ وَٱللَّهُ يُقَدِّرُ ٱلَّيْلَ وَٱلنَّهَارَ عَلِمَ أَن لَّن تُحْصُوهُ فَتَابَ عَلَيْكُمْ فَٱقْرَءُوا۟ مَا تَيَسَّرَ مِنَ ٱلْقُرْءَانِ عَلِمَ أَن سَيَكُونُ مِنكُم مَّرْضَىٰ وَءَاخَرُونَ يَضْرِبُونَ فِى ٱلْأَرْضِ يَبْتَغُونَ مِن فَضْلِ ٱللَّهِ وَءَاخَرُونَ يُقَٰتِلُونَ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ فَٱقْرَءُوا۟ مَا تَيَسَّرَ مِنْهُ وَأَقِيمُوا۟ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتُوا۟ ٱلزَّكَوٰةَ وَأَقْرِضُوا۟ ٱللَّهَ قَرْضًا حَسَنًا وَمَا تُقَدِّمُوا۟ لِأَنفُسِكُم مِّنْ خَيْرٍ تَجِدُوهُ عِندَ ٱللَّهِ هُوَ خَيْرًا وَأَعْظَمَ أَجْرًا وَٱسْتَغْفِرُوا۟ ٱللَّهَ إِنَّ ٱللَّهَ غَفُورٌ رَّحِيمٌۢ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariनिःसंदेह आपका पालनहार जानता है कि आप (तहज्जुद की नमाज़ में) रात के दो-तिहाई भाग से कुछ कम तथा उसका आधा भाग और उसका एक-तिहाई भाग खड़े होते हैं। तथा आपके साथियों का एक समूह भी (ऐसा करता है)। और अल्लाह ही रात तथा दिन का अनुमान रखता है। उसने जान लिया कि तुम हरगिज़ उसकी क्षमता नहीं रखोगे। अतः उसने तुमपर दया की। अतः क़ुरआन में से जो आसान हो, पढ़ो।[5] वह जानता है कि निश्चय तुममें से कुछ लोग बीमार होंगे और कुछ अन्य लोग धरती में यात्रा करेंगे, अल्लाह का अनुग्रह तलाश करेंगे और कुछ दूसरे लोग अल्लाह की राह में युद्ध करेंगे। अतः उसमें से जो आसान हो, पढ़ो। तथा नमाज़ क़ायम करो और ज़कात दो और अल्लाह को उत्तम ऋण[6] दो। तथा तुम अपने लिए जो भी भलाई आगे भेजोगे, उसे अल्लाह के पास अति उत्तम और बदले की दृष्टि से बढ़कर पाओगे। और अल्लाह से क्षमा याचना करो। निःसंदेह अल्लाह अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।

इस आयत के सभी अनुवाद देखें →

कोई विषय ढूँढ रहे हैं? अर्थ-आधारित खोज आज़माएँ — आपका प्रश्न 6,236 आयतों में खोजा जाता है।
भाषा — 70