सूरा Al-Maa'un الماعون
7 आयतें · मक्का · अवतरण क्रम 17
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari(ऐ नबी!) क्या आपने उसे देखा, जो बदले के दिन को झुठलाता है?
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فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतो यही है, जो अनाथ (यतीम) को धक्के देता है।
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وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता है।[1]
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فَوَيْلٌ لِّلْمُصَلِّينَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतो विनाश है उन नमाज़ियों के लिए,[2]
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ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariजो अपनी नमाज़ से लापरवाह हैं।
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ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariवे जो दिखावा करते हैं।
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وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा साधारण बरतने की चीज़ भी माँगने से नहीं देते।[3]
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