सूरा Al-Falaq الفلق
5 आयतें · मक्का · अवतरण क्रम 20
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari(ऐ नबी!) कह दीजिए : मैं सुबह के पालनहार की शरण लेता हूँ।
इस आयत के सभी अनुवाद देखें →
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariउस चीज़ की बुराई से, जो उसने पैदा की।
इस आयत के सभी अनुवाद देखें →
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा अंधेरी रात की बुराई से, जब वह छा जाए।[1]
इस आयत के सभी अनुवाद देखें →
وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّٰثَٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा गाँठों में फूँकने वालियों की बुराई से।
इस आयत के सभी अनुवाद देखें →
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा ईर्ष्या करने वाले की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।[2]
इस आयत के सभी अनुवाद देखें →
कोई विषय ढूँढ रहे हैं? अर्थ-आधारित खोज आज़माएँ — आपका प्रश्न 6,236 आयतों में खोजा जाता है।
→