caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Al-A'raaf, आयत 202

मक्का · अवतरण क्रम 39 · 7:202

وَإِخْوَٰنُهُمْ يَمُدُّونَهُمْ فِى ٱلْغَىِّ ثُمَّ لَا يُقْصِرُونَ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर जो उन (शैतानों) के भाई हैं, वे उन्हें गुमराही में बढ़ाते रहते हैं, फिर वे (उन्हें गुमराह करने में) तनिक भी कमी नहीं करते।
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भाषा — 70