caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Aal-i-Imraan, आयत 161

मदीना · अवतरण क्रम 89 · 3:161

وَمَا كَانَ لِنَبِىٍّ أَن يَغُلَّ وَمَن يَغْلُلْ يَأْتِ بِمَا غَلَّ يَوْمَ ٱلْقِيَٰمَةِ ثُمَّ تُوَفَّىٰ كُلُّ نَفْسٍ مَّا كَسَبَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariयह किसी नबी के लिए संभव नहीं है कि ग़नीमत के धन में ख़यानत[87] करे, और जो ख़यानत करेगा तो जो उसने ख़यानत की होगी उसके साथ क़ियामत के दिन उपस्थित होगा। फिर प्रत्येक प्राणी को उसके किए का पूरा-पूरा बदला दिया जाएगा और उनपर अत्याचार नहीं किया जाएगा।
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भाषा — 70