caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Aal-i-Imraan, आयत 176

मदीना · अवतरण क्रम 89 · 3:176

وَلَا يَحْزُنكَ ٱلَّذِينَ يُسَٰرِعُونَ فِى ٱلْكُفْرِ إِنَّهُمْ لَن يَضُرُّوا۟ ٱللَّهَ شَيْـًٔا يُرِيدُ ٱللَّهُ أَلَّا يَجْعَلَ لَهُمْ حَظًّا فِى ٱلْـَٔاخِرَةِ وَلَهُمْ عَذَابٌ عَظِيمٌ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari(ऐ नबी!) वे लोग आपको दुःखी न करें, जो कुफ़्र में तेज़ी दिखा रहे हैं। वे अल्लाह को कदापि कोई हानि नहीं पहुँचा सकेंगे। अल्लाह चाहता है कि आख़िरत (परलोक) में उनका कोई हिस्सा न रखे तथा उनके लिए बड़ी यातना है।
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भाषा — 70