caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Yusuf, आयत 105

मक्का · अवतरण क्रम 53 · 12:105

وَكَأَيِّن مِّنْ ءَايَةٍ فِى ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ يَمُرُّونَ عَلَيْهَا وَهُمْ عَنْهَا مُعْرِضُونَ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतथा आकाशों और धरती में कितनी ही निशानियाँ[31] हैं, जिनपर से वे गुज़रते हैं और वे उनपर ध्यान नहीं देते।[32]
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भाषा — 70