caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Ash-Shura, आयत 40

मक्का · अवतरण क्रम 62 · 42:40

وَجَزَٰٓؤُا۟ سَيِّئَةٍ سَيِّئَةٌ مِّثْلُهَا فَمَنْ عَفَا وَأَصْلَحَ فَأَجْرُهُۥ عَلَى ٱللَّهِ إِنَّهُۥ لَا يُحِبُّ ٱلظَّٰلِمِينَ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर किसी बुराई का बदला उसी जैसी बुराई[30] है। फिर जो क्षमा कर दे तथा सुधार कर ले, तो उसका प्रतिफल अल्लाह के ज़िम्मे है। निःसंदेह वह अत्याचारियों से प्रेम नहीं करता।
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भाषा — 70