caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Luqman, आयत 18

मक्का · अवतरण क्रम 57 · 31:18

وَلَا تُصَعِّرْ خَدَّكَ لِلنَّاسِ وَلَا تَمْشِ فِى ٱلْأَرْضِ مَرَحًا إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُحِبُّ كُلَّ مُخْتَالٍ فَخُورٍ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर (घमंड के कारण) लोगों से अपना मुँह न फेर और धरती में अकड़कर न चल। निःसंदेह अल्लाह किसी अकड़ने वाले, गर्व करने वाले से प्रेम नहीं करता।[6]
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भाषा — 70