وَكَذَٰلِكَ أَنزَلْنَٰهُ حُكْمًا عَرَبِيًّا وَلَئِنِ ٱتَّبَعْتَ أَهْوَآءَهُم بَعْدَ مَا جَآءَكَ مِنَ ٱلْعِلْمِ مَا لَكَ مِنَ ٱللَّهِ مِن وَلِىٍّ وَلَا وَاقٍ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर इसी प्रकार, हमने इसे अरबी (भाषा का) फरमान बनाकर उतारा है।[20] और यदि आपने अपने पास ज्ञान आ जाने के बाद उन लोगों की इच्छाओं का अनुसरण किया, तो अल्लाह के मुक़ाबले में आपका न कोई सहायक होगा और न कोई बचाने वाला।