caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा At-Tawba, आयत 126

मदीना · अवतरण क्रम 113 · 9:126

أَوَلَا يَرَوْنَ أَنَّهُمْ يُفْتَنُونَ فِى كُلِّ عَامٍ مَّرَّةً أَوْ مَرَّتَيْنِ ثُمَّ لَا يَتُوبُونَ وَلَا هُمْ يَذَّكَّرُونَ

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर क्या वे नहीं देखते कि निःसंदेह वे प्रत्येक वर्ष एक या दो बार आज़माए[59] जाते हैं? फिर भी वे न तौबा करते हैं और न ही वे उपदेश ग्रहण करते हैं!
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भाषा — 70