وَمَا يَذْكُرُونَ إِلَّآ أَن يَشَآءَ ٱللَّهُ هُوَ أَهْلُ ٱلتَّقْوَىٰ وَأَهْلُ ٱلْمَغْفِرَةِ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariऔर वे नसीहत प्राप्त नहीं कर सकते, परंतु यह कि अल्लाह चाहे। वही इस योग्य है कि उससे डरा जाए और वही इस योग्य है कि क्षमा करे।