فَٱلْيَوْمَ لَا يُؤْخَذُ مِنكُمْ فِدْيَةٌ وَلَا مِنَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا۟ مَأْوَىٰكُمُ ٱلنَّارُ هِىَ مَوْلَىٰكُمْ وَبِئْسَ ٱلْمَصِيرُ
Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariतो आज न तुमसे कोई छुड़ौती ली जाएगी और न उन लोगों से जिन्होंने कुफ़्र किया। तुम्हारा ठिकाना जहन्नम है। वही तुम्हारी दोस्त है और वह बुरा ठिकाना है।