caseriqक़ुरआन में अर्थ-आधारित खोज

सूरा Maryam, आयत 62

मक्का · अवतरण क्रम 44 · 19:62

لَّا يَسْمَعُونَ فِيهَا لَغْوًا إِلَّا سَلَٰمًا وَلَهُمْ رِزْقُهُمْ فِيهَا بُكْرَةً وَعَشِيًّا

Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omariवे उसमें 'सलाम' के सिवा कोई व्यर्थ बात नहीं सुनेंगे, तथा उनके लिए उसमें सुबह और शाम उनकी जीविका होगी।
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भाषा — 70